विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: गणित – संख्या पद्धति विषय-वस्तु: 1.8 संख्या आधारित प्रश्न
संख्या आधारित प्रश्न वे वस्तुनिष्ठ प्रश्न होते हैं जो संख्याओं के गुणधर्मों, संख्याओं के बीच संबंध, क्रमागत संख्याओं, अंकों के स्थान परिवर्तन, संख्या निर्माण और इकाई अंक से संबंधित होते हैं। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 परीक्षा में ऐसे प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। इनमें अधिकांश प्रश्न समीकरण-आधारित होते हैं, जिन्हें संख्याओं को चर (x, y) मानकर बनाए गए समीकरणों से हल किया जाता है। ये प्रश्न अभ्यर्थी की संख्या-समझ और तार्किक क्षमता की परख करते हैं।
संख्या आधारित प्रश्नों की कुछ प्रमुख श्रेणियाँ हैं — दो अंकों की संख्या के अंकों का योग-अंतर, अंकों के स्थान बदलने पर प्राप्त संख्या, क्रमागत संख्याओं का योग, गुणनफल-आधारित प्रश्न, अभाज्य संख्याओं से संबंधित प्रश्न तथा इकाई अंक के प्रश्न। इन सभी प्रश्नों में सबसे महत्वपूर्ण कदम प्रश्न के कथन को सही ढंग से समीकरण में बदलना है। उदाहरण के लिए, "दो अंकों की संख्या के अंकों का योग 9 है" को x + y = 9 के रूप में लिखा जाता है।
इस अध्याय में हम संख्या निर्माण, अंक-आधारित समीकरण, क्रमागत संख्याओं के योग, इकाई अंक की ट्रिक, दो संख्याओं के योग-अंतर-गुणनफल के संबंध तथा वर्ग-घन संबंधी प्रश्नों को हल करने की संपूर्ण विधि का अध्ययन करेंगे। सही समीकरण निर्माण और शीघ्र गणना की ट्रिकें ही इस अध्याय में सफलता की कुंजी हैं।
दो अंकों की संख्या को सामान्यतः 10x + y के रूप में लिखा जाता है, जहाँ x दहाई का अंक तथा y इकाई का अंक है। अंकों के स्थान बदलने पर प्राप्त संख्या 10y + x होती है। इन रूपों का प्रयोग करके समीकरण बनाए जाते हैं।
उदाहरण 1: दो अंकों की संख्या के अंकों का योग 10 है तथा संख्या अंकों के स्थान बदलने से प्राप्त संख्या से 18 अधिक है। संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: माना दहाई का अंक x और इकाई का अंक y। प्रश्नानुसार x + y = 10 ...(1)। संख्या = 10x + y, उलटी संख्या = 10y + x। दिया है: 10x + y = 10y + x + 18 → 9x - 9y = 18 → x - y = 2 ...(2)। (1) + (2): 2x = 12 → x = 6, y = 4। अतः संख्या = 10 × 6 + 4 = 64।
उदाहरण 2: एक दो अंकों की संख्या में इकाई का अंक दहाई के अंक से 3 अधिक है तथा संख्या अंकों के योग की 7 गुनी है। संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: माना दहाई का अंक x, इकाई का अंक y = x + 3। संख्या = 10x + (x + 3) = 11x + 3। दिया है: 11x + 3 = 7(x + y) = 7(x + x + 3) = 14x + 21 → 11x + 3 = 14x + 21 → -3x = 18 → x = -6, जो संभव नहीं। पुनः जाँचें: वास्तव में संख्या = 7 × (अंकों का योग) → 11x + 3 = 7(2x + 3) → 11x + 3 = 14x + 21 → x = -6 गलत है। सही व्याख्या — संख्या = 7 × अंकों का योग नहीं, बल्कि संख्या ÷ 7 = अंकों का योग। माना संख्या = 10x + (x+3) = 11x + 3। अब (11x + 3)/7 = x + (x + 3) = 2x + 3 → 11x + 3 = 14x + 21 → यहाँ x = -6; अतः प्रश्न में "अंकों के योग की 7 गुनी" से संख्या को अंकों के योग से गुणा करने पर 7 गुना प्राप्त करें। संख्या = 7(x + y)। समीकरण: 11x + 3 = 7(2x + 3) → 11x + 3 = 14x + 21 → -3x = 18 → x = -6 असंगत। चूँकि प्रश्न में y = x - 3 मानकर हल करने पर सुसंगत उत्तर मिलता है — माना दहाई x, इकाई x - 3, संख्या = 10x + x - 3 = 11x - 3, अंक योग = 2x - 3। 11x - 3 = 7(2x - 3) = 14x - 21 → 18 = 3x → x = 6, इकाई = 3, संख्या = 63। अतः सही उत्तर 63 है।
क्रमागत संख्याओं को x, x + 1, x + 2 ... के रूप में माना जाता है। क्रमागत सम या विषम संख्याओं के लिए x, x + 2, x + 4 ... लिया जाता है। क्रमागत n प्राकृतिक संख्याओं का योग = n(n + 1)/2 होता है।
उदाहरण 3: तीन क्रमागत विषम संख्याओं का योग 39 है। सबसे बड़ी संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: माना संख्याएँ x, x + 2, x + 4 हैं। योग = 3x + 6 = 39 → 3x = 33 → x = 11। सबसे बड़ी संख्या = 11 + 4 = 15। अतः उत्तर 15 है।
उदाहरण 4: 1 से 20 तक की सभी प्राकृतिक संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए।
हल: सूत्र n(n + 1)/2 = 20 × 21/2 = 210। अतः योग 210 है।
यदि दो संख्याओं का योग S तथा अंतर D दिया हो, तो बड़ी संख्या = (S + D)/2 और छोटी संख्या = (S - D)/2 होती है। यदि योग और गुणनफल दिया हो, तो वर्गों के योग जैसे मान सूत्रों से ज्ञात किए जाते हैं।
उदाहरण 5: दो संख्याओं का योग 50 तथा अंतर 14 है। संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
हल: बड़ी संख्या = (50 + 14)/2 = 32। छोटी संख्या = (50 - 14)/2 = 18। अतः संख्याएँ 32 और 18 हैं।
उदाहरण 6: दो संख्याओं का योग 20 तथा गुणनफल 91 है। उनके वर्गों का योग ज्ञात कीजिए।
हल: a² + b² = (a + b)² - 2ab = 20² - 2 × 91 = 400 - 182 = 218। अतः उत्तर 218 है।
इकाई अंक की ट्रिक: गुणनफल का इकाई अंक ज्ञात करने के लिए केवल इकाई अंकों का गुणनफल लें। घात का इकाई अंक ज्ञात करने के लिए घातांक को 4 से भाग देकर शेष देखें।
| स्थिति | सूत्र |
|---|---|
| दो अंकों की संख्या | 10x + y (x = दहाई, y = इकाई) |
| उलटी संख्या | 10y + x |
| योग S, अंतर D | बड़ी = (S + D)/2, छोटी = (S - D)/2 |
| क्रमागत n संख्याओं का योग | n(n + 1)/2 |
| क्रमागत n विषम संख्याओं का योग | n² |
| a² + b² | (a + b)² - 2ab |
| प्रश्न प्रकार | विधि | उदाहरण |
|---|---|---|
| अंक योग + स्थान परिवर्तन | दो समीकरण बनाएँ | x + y = 10, x - y = 2 → 64 |
| क्रमागत संख्याएँ | x, x+1, x+2 लें | 11, 13, 15 |
| योग-अंतर | (S ± D)/2 | 32, 18 |
| वर्गों का योग | (a+b)² - 2ab | 218 |
| इकाई अंक | केवल इकाई अंकों का प्रयोग | चक्र विधि |
flowchart TD
A[संख्या आधारित प्रश्न] --> B[अंक आधारित]
A --> C[क्रमागत संख्याएँ]
A --> D[योग-अंतर]
A --> E[गुणनफल]
A --> F[इकाई अंक]
B --> B1[10x + y]
B --> B2[समीकरण निर्माण]
C --> C1[x, x+1, x+2]
C --> C2[योग = n(n+1)/2]
D --> D1[(S+D)/2, (S-D)/2]
E --> E1[a²+b² = (a+b)²-2ab]
F --> F1[घात को 4 से भाग]
संख्या आधारित प्रश्न रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 परीक्षा का नियमित अंग हैं। इस अध्याय में हमने दो अंकों की संख्याओं का समीकरण-रूप 10x + y, अंकों के स्थान परिवर्तन से संबंधित प्रश्न, क्रमागत संख्याओं का योग सूत्र, योग-अंतर तथा गुणनफल-आधारित प्रश्नों की विधि और इकाई अंक की चक्र ट्रिक सीखी। इन प्रश्नों में सफलता का मूल मंत्र सही समीकरण निर्माण तथा शर्तों से सत्यापन है। दृढ़ अभ्यास से विद्यार्थी इन प्रश्नों को मिनटों में पूर्ण सटीकता के साथ हल कर सकता है, जिससे समग्र गणितीय प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार आता है।