विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: भौतिकी – विद्युत और चुंबकत्व विषय-वस्तु: 13.6 विद्युत शक्ति और ऊर्जा
जब विद्युत धारा किसी परिपथ में प्रवाहित होती है, तो वह कार्य करती है और ऊर्जा का उपभोग होता है। विद्युत शक्ति वह दर है जिस पर विद्युत ऊर्जा का उपभोग या रूपांतरण होता है। दूसरे शब्दों में, एकांक समय में उपभुक्त विद्युत ऊर्जा को विद्युत शक्ति कहते हैं। विद्युत शक्ति की SI इकाई वाट (W) है। यदि किसी परिपथ में 1 वोल्ट विभवांतर पर 1 एम्पियर धारा प्रवाहित होती है, तो विद्युत शक्ति 1 वाट होती है। वाट की इकाई का नाम स्कॉटिश वैज्ञानिक जेम्स वाट के सम्मान में रखा गया है।
विद्युत ऊर्जा की SI इकाई जूल (J) है, परंतु घरेलू और व्यावसायिक मापन में बड़ी इकाई किलोवाट घंटा (kWh) का उपयोग होता है। बिजली बिल में विद्युत ऊर्जा को इकाइयों में मापा जाता है, जहाँ 1 इकाई = 1 kWh होती है। रेलवे की विद्युत प्रणालियों, इंजनों और स्टेशनों में शक्ति की खपत का आकलन करना ऊर्जा प्रबंधन और लागत नियंत्रण के लिए अत्यंत आवश्यक है। विद्युत तकनीशियन के लिए शक्ति और ऊर्जा की गणना दैनिक कार्य का हिस्सा है।
इस अध्याय में हम विद्युत शक्ति के सूत्र P = VI = I²R = V²/R, विद्युत ऊर्जा का सूत्र E = Pt = VIt, किलोवाट घंटा का अर्थ, वाट घंटा मीटर, जूल के तापीय प्रभाव का नियम H = I²Rt तथा विद्युत उपकरणों की शक्ति के आधार पर ऊर्जा खपत की गणना का अध्ययन करेंगे। शक्ति और ऊर्जा से जुड़े संख्यात्मक प्रश्न परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं।
विद्युत शक्ति किसी परिपथ में एकांक समय में उपभुक्त विद्युत ऊर्जा की मात्रा है। इसे निम्न सूत्रों द्वारा व्यक्त किया जाता है:
P = V × I
जहाँ P शक्ति (वाट), V विभवांतर (वोल्ट) और I धारा (एम्पियर) है। ओम के नियम V = IR का उपयोग करके शक्ति को अन्य रूपों में भी लिखा जा सकता है:
P = I² × R और P = V² / R
उदाहरण 1: एक बल्ब 220 वोल्ट पर 0.5 एम्पियर धारा लेता है। बल्ब की शक्ति ज्ञात कीजिए।
हल: P = VI = 220 × 0.5 = 110 वाट।
उदाहरण 2: 10 ओम प्रतिरोध में 2 एम्पियर धारा प्रवाहित होती है। शक्ति क्षय ज्ञात कीजिए।
हल: P = I²R = (2)² × 10 = 4 × 10 = 40 वाट।
अश्वशक्ति (Horse Power): बड़े विद्युत मोटरों और जनित्रों की शक्ति अश्वशक्ति (HP) में मापी जाती है। 1 HP = 746 वाट। किलोवाट और मेगावाट बड़ी शक्तियों के मात्रक हैं, जहाँ 1 kW = 1000 वाट और 1 MW = 10⁶ वाट। रेलवे लोकोमोटिव की शक्ति सामान्यतः किलोवाट या अश्वशक्ति में प्रदर्शित होती है।
विद्युत ऊर्जा वह कुल कार्य है जो धारा प्रवाह के दौरान होता है। इसे निम्न सूत्र द्वारा ज्ञात किया जाता है:
E = P × t = V × I × t
जहाँ E ऊर्जा (जूल), P शक्ति (वाट), t समय (सेकंड) है। चूँकि जूल इकाई बहुत छोटी है, इसलिए व्यावहारिक मापन में किलोवाट घंटा (kWh) का उपयोग होता है:
1 kWh = 1 किलोवाट × 1 घंटा = 1000 वाट × 3600 सेकंड = 3.6 × 10⁶ जूल।
बिजली के बिल में 1 इकाई = 1 kWh होती है। विद्युत ऊर्जा की खपत मापने के लिए वाट-घंटा मीटर (घरेलू बिजली मीटर) का उपयोग होता है।
उदाहरण 3: 1000 वाट का हीटर प्रतिदिन 2 घंटे चलता है। 30 दिन में कुल ऊर्जा खपत ज्ञात कीजिए।
हल: कुल समय t = 2 × 30 = 60 घंटे। ऊर्जा E = P × t = 1000 × 60 = 60000 वाट-घंटे = 60 kWh। अतः कुल खपत 60 इकाई।
उदाहरण 4: 60 वाट का बल्ब 5 घंटे चलता है, तो खपत कितनी kWh होगी?
हल: E = 60 × 5 = 300 वाट-घंटे = 0.3 kWh।
जब धारा किसी प्रतिरोधक से प्रवाहित होती है, तो विद्युत ऊर्जा ऊष्मा ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है। जूल का तापीय प्रभाव का नियम इस प्रकार है:
H = I² × R × t
जहाँ H उत्पन्न ऊष्मा (जूल), I धारा (एम्पियर), R प्रतिरोध (ओम) और t समय (सेकंड) है। इस नियम के अनुसार उत्पन्न ऊष्मा धारा के वर्ग, प्रतिरोध और समय के अनुक्रमानुपाती होती है। धारा दोगुनी होने पर ऊष्मा चार गुना हो जाती है।
तापीय प्रभाव के अनुप्रयोग: विद्युत हीटर, इस्त्री, गीजर, विद्युत कुकर, टोस्टर और फ्यूज तार इसी सिद्धांत पर कार्य करते हैं। विद्युत बल्ब में ताप के कारण तंतु दीप्त होता है। फ्यूज तार में अधिक धारा प्रवाहित होने पर उत्पन्न ऊष्मा से तार पिघलकर परिपथ को बाधित कर देता है, जिससे उपकरणों की सुरक्षा होती है।
उदाहरण 5: 5 ओम प्रतिरोध में 2 एम्पियर धारा 10 सेकंड तक प्रवाहित होती है। उत्पन्न ऊष्मा ज्ञात कीजिए।
हल: H = I²Rt = (2)² × 5 × 10 = 4 × 50 = 200 जूल।
प्रतिरोधों में शक्ति क्षय: श्रृंखला में समान धारा के कारण सबसे अधिक प्रतिरोध वाला प्रतिरोधक सबसे अधिक ऊष्मा उत्पन्न करता है, जबकि समानांतर में सबसे कम प्रतिरोध वाली शाखा में सबसे अधिक धारा और शक्ति क्षय होता है। रेलवे के विद्युत तापन उपकरणों में इस सिद्धांत का व्यावहारिक उपयोग होता है।
| राशि | सूत्र | SI मात्रक |
|---|---|---|
| विद्युत शक्ति | P = VI | वाट (W) |
| शक्ति (धारा के रूप में) | P = I²R | वाट (W) |
| शक्ति (विभव के रूप में) | P = V²/R | वाट (W) |
| विद्युत ऊर्जा | E = Pt = VIt | जूल (J) |
| ऊष्मा | H = I²Rt | जूल (J) |
| किलोवाट घंटा | 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J | kWh |
| मात्रक | मान | उपयोग |
|---|---|---|
| 1 वाट (W) | 1 J/s | छोटे उपकरण |
| 1 किलोवाट (kW) | 1000 W | बल्ब, हीटर, मोटर |
| 1 मेगावाट (MW) | 10⁶ W | विद्युत स्टेशन |
| 1 अश्वशक्ति (HP) | 746 W | मोटर, लोकोमोटिव |
| 1 किलोवाट घंटा (kWh) | 3.6 × 10⁶ J | बिजली बिल की इकाई |
flowchart TD
A[विद्युत शक्ति और ऊर्जा] --> B[शक्ति]
A --> C[ऊर्जा]
A --> D[तापीय प्रभाव]
A --> E[मात्रक]
B --> B1[P = VI]
B --> B2[P = I²R]
B --> B3[P = V²/R]
C --> C1[E = Pt]
C --> C2[1 kWh = 3.6 × 10⁶ J]
D --> D1[H = I²Rt]
D --> D2[हीटर, इस्त्री, फ्यूज]
E --> E1[वाट W]
E --> E2[किलोवाट kW]
E --> E3[अश्वशक्ति 1 HP = 746 W]
P = VI के स्थान पर P = V/I लिखना सबसे आम गलती है।H = I²Rt में धारा के वर्ग को न लिखना।P = VI, P = I²R, P = V²/R याद रखें और स्थिति के अनुसार सही चुनें।H = I²Rt से ऊष्मा की गणना के प्रश्न अभ्यास करें, धारा का वर्ग न भूलें।विद्युत शक्ति और ऊर्जा विद्युत प्रणालियों के प्रदर्शन और लागत के मापन के मूलभूत आधार हैं। इस अध्याय में हमने शक्ति के सूत्रों P = VI, P = I²R और P = V²/R को समझा और संख्यात्मक उदाहरणों द्वारा उनका उपयोग सीखा। विद्युत ऊर्जा E = Pt तथा किलोवाट घंटा की अवधारणा को स्पष्ट किया, जिससे बिजली बिल और इकाइयों की गणना समझ आई। जूल के तापीय प्रभाव H = I²Rt के सिद्धांत से हीटर, इस्त्री और फ्यूज जैसे उपकरणों के कार्य की व्याख्या की। शक्ति और ऊर्जा की यह समझ रेलवे के विद्युत प्रबंधन, ऊर्जा संरक्षण और परिचालन लागत नियंत्रण में सीधे उपयोगी है। इन सूत्रों का नियमित अभ्यास करने से परीक्षा में संख्यात्मक प्रश्नों में पूर्ण अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।