विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: तर्कशक्ति – संबंध और दिशा विषय-वस्तु: 8.1 रक्त संबंध
रक्त संबंध (Blood Relations) तर्कशक्ति परीक्षा की एक बहुत महत्वपूर्ण विधा है, जिसमें परिवार के विभिन्न सदस्यों के बीच के संबंधों को समझकर प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा में प्रायः 1 से 2 प्रश्न इस विधा से पूछे जाते हैं। इन प्रश्नों में किसी व्यक्ति के पिता, माता, भाई, बहन, चाचा, चाची, दादा, दादी, नाना, नानी, ससुर, सास आदि संबंधों की जानकारी दी जाती है और पूछा जाता है कि एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति का क्या लगता है। संबंधों का सही ज्ञान ही इस विधा की आधारशिला है।
रक्त संबंध के प्रश्नों में संबंध-शब्दों (जैसे पिता, भाई, बहन, चाचा) के साथ-साथ लिंग (पुरुष/स्त्री) का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। कई बार एक ही संबंध दो तरह से बताया जा सकता है - जैसे "मेरे पिता की बहन" को "मौसी" या "बुआ" कहते हैं। सामान्यतः पिता की बहन बुआ, माता की बहन मौसी, पिता का भाई चाचा/ताऊ और माता का भाई मामा होता है। इन संबंध-शब्दों का सटीक ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इसके बिना प्रश्न हल नहीं हो सकते।
इस अध्याय में हम रक्त संबंध के मूल शब्दों, लिंग निर्धारण के नियम, वाक्य-आधारित संबंध प्रश्नों को उदाहरण सहित सीखेंगे। साथ ही चिन्ह-आधारित संबंध (जैसे +, ×, - का अर्थ) और कथन-आधारित प्रश्नों को हल करने की चरणबद्ध विधि भी सीखेंगे। सबसे महत्वपूर्ण है संबंध-श्रृंखला बनाने की क्षमता - वाक्य को ध्यान से पढ़कर प्रत्येक कथन को एक कड़ी की तरह जोड़ना और अंत में पूछे गए संबंध तक पहुँचना। आइए इन सभी को विस्तार से समझते हैं।
रक्त संबंध के प्रश्नों में निम्न संबंध-शब्दों का ज्ञान आवश्यक है। पिता के पिता दादा, माता के पिता नाना, पिता के भाई चाचा या ताऊ (बड़े होने पर ताऊ), माता के भाई मामा, पिता की बहन बुआ, माता की बहन मौसी। भाई की पत्नी भाभी, बहन का पति बहनोई या जीजा, बेटे का बेटा पोता, बेटी का बेटा नाती। पति की माँ सास, पत्नी की माँ सास, पति के पिता ससुर। इनमें से प्रत्येक शब्द का लिंग और पीढ़ी (पीढ़ी) महत्वपूर्ण है।
उदाहरण 1: राम के पिता की माँ, राम की कौन होगी?
समाधान: पिता की माँ दादी होती है। अतः उत्तर दादी है।
उदाहरण 2: शीला के माता के भाई, शीला की कौन होंगे?
समाधान: माता के भाई मामा होते हैं। अतः उत्तर मामा है।
संबंध-शब्दों को समझते समय दो बातों का ध्यान रखें - लिंग और पीढ़ी। पीढ़ी के अनुसार संबंध तीन स्तरों के होते हैं - वरिष्ठ पीढ़ी (दादा-दादी, नाना-नानी, माता-पिता), समान पीढ़ी (भाई-बहन, चचेरा भाई, जीजा-भाभी) और कनिष्ठ पीढ़ी (बेटा-बेटी, भतीजा-भतीजी, पोता-पोती)। लिंग की दृष्टि से पिता, भाई, चाचा, मामा, दादा, नाना पुरुष हैं जबकि माता, बहन, चाची, मौसी, बुआ, दादी, नानी स्त्री हैं। इस तालिका का मुखस्थ ज्ञान प्रत्येक प्रश्न की नींव है।
वाक्य-आधारित प्रश्नों में किसी व्यक्ति के संबंध को वाक्य के रूप में बताया जाता है और पूछा जाता है कि वह दूसरे का क्या लगता है। इन्हें हल करने के लिए वाक्य को धीरे-धीरे पढ़कर संबंध-श्रृंखला बनाई जाती है। उदाहरण के लिए, "A, B का पिता है। B, C की बहन है।" तो A, C का पिता है। श्रृंखला में प्रत्येक कथन को जोड़ते हुए अंतिम संबंध तक पहुँचना है।
उदाहरण 3: "राम, श्याम का पिता है। श्याम, मोहन का भाई है।" तो मोहन, राम का क्या है?
समाधान: राम → श्याम (पिता), श्याम → मोहन (भाई)। अतः मोहन भी राम का पुत्र है, क्योंकि श्याम और मोहन भाई हैं। उत्तर पुत्र है।
उदाहरण 4: "सीता, गीता की माता है। गीता, रीता की बहन है। रीता, राधा की बेटी है।" तो सीता, राधा की कौन है?
समाधान: सीता → गीता (माता), गीता → रीता (बहन), अतः सीता रीता की भी माता है। रीता → राधा की बेटी, अतः राधा रीता की माता है। इस प्रकार सीता और राधा दोनों माताएँ हैं। वास्तव में रीता और गीता बहनें हैं और दोनों की माता सीता है, तो राधा कौन? राधा रीता की माता है, परंतु गीता की माता सीता है। यदि रीता सीता की बेटी होती तो संबंध स्पष्ट होता। प्रश्न में सीता, राधा की क्या लगती है - चूँकि दोनों माताएँ हैं, यह स्पष्ट संबंध नहीं बनता, अतः ऐसे प्रश्न ध्यान से पढ़ें।
वाक्य-आधारित प्रश्नों में प्रत्येक कथन को एक इकाई मानकर उसे श्रृंखला से जोड़ें। सबसे पहले पहला संबंध लिखें, फिर दूसरा उससे जोड़ें। लिंग पर ध्यान दें - "भाई" पुरुष है, "बहन" स्त्री है। यदि किसी कथन में लिंग स्पष्ट नहीं है (जैसे केवल "बच्चा" कहा गया हो), तो विकल्पों से निर्णय लें। कई प्रश्नों में विकल्पों में स्त्री-पुरुष दोनों रूप दिए होते हैं, तब वाक्य में संकेत के अनुसार चुनें।
चिन्ह-आधारित प्रश्नों में गणितीय चिन्हों (जैसे +, -, ×, ÷) या अन्य प्रतीकों का अर्थ संबंधों से दिया जाता है। उदाहरण के लिए, A + B का अर्थ A, B का पिता है; A - B का अर्थ A, B की माता है; A × B का अर्थ A, B का भाई है। इन चिन्हों का उपयोग करके दिए गए व्यंजक (जैसे P + Q × R) से संबंध ज्ञात करना होता है। ऐसे प्रश्नों में चिन्ह-तालिका पहले याद करें, फिर व्यंजक को बाएँ से दाएँ पढ़ें।
उदाहरण 5: यदि A + B का अर्थ A, B का भाई है, A × B का अर्थ A, B की बहन है, और A - B का अर्थ A, B का पिता है, तो "P - Q + R" में Q, R का क्या है?
समाधान: P - Q → P, Q का पिता है। Q + R → Q, R का भाई है। अतः Q और R दोनों P की संतान हैं, और Q, R का भाई है। उत्तर भाई है।
उदाहरण 6: यदि A + B का अर्थ A, B का पति है और A - B का अर्थ A, B की पत्नी है, तो "M + N" में N, M की कौन है?
समाधान: M + N → M, N का पति है, अतः N, M की पत्नी है। उत्तर पत्नी है।
चिन्ह-आधारित प्रश्न हल करते समय व्यंजक के प्रत्येक चिन्ह-संबंध को क्रम से लिखें और श्रृंखला बनाएँ। ध्यान रखें कि दिए गए चिन्हों के अर्थ केवल उसी प्रश्न के लिए मान्य हैं, सामान्य गणित के चिन्ह-अर्थ नहीं लगाने चाहिए। इसके अलावा लिंग का निर्धारण चिन्ह-अर्थ से ही होता है - यदि "A + B का अर्थ A, B की पत्नी है" तो A स्त्री है। व्यंजक में मध्यवर्ती व्यक्तियों के लिंग पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि प्रश्न का उत्तर लिंग पर निर्भर होता है।
| संबंध-वाक्य | संबंध | लिंग |
|---|---|---|
| पिता के पिता | दादा | पुरुष |
| माता के पिता | नाना | पुरुष |
| पिता का भाई | चाचा / ताऊ | पुरुष |
| माता का भाई | मामा | पुरुष |
| पिता की बहन | बुआ | स्त्री |
| माता की बहन | मौसी | स्त्री |
| भाई का बेटा | भतीजा | पुरुष |
| बहन का बेटा | भांजा | पुरुष |
| पीढ़ी | पुरुष | स्त्री |
|---|---|---|
| वरिष्ठ | दादा, नाना, पिता, ससुर | दादी, नानी, माता, सास |
| समान | भाई, चचेरा भाई, जीजा | बहन, चचेरी बहन, भाभी |
| कनिष्ठ | पुत्र, पोता, भतीजा | पुत्री, पोती, भतीजी |
flowchart TD
A[रक्त संबंध] --> B[संबंध-शब्द]
A --> C[वाक्य-आधारित प्रश्न]
A --> D[चिन्ह-आधारित प्रश्न]
B --> B1[माता-पिता वर्ग]
B --> B2[भाई-बहन वर्ग]
B --> B3[चाचा-मामा वर्ग]
C --> C1[संबंध-श्रृंखला बनाना]
C --> C2[लिंग का ध्यान]
D --> D1[चिन्ह का अर्थ]
D --> D2[बाएँ से दाएँ पढ़ना]
रक्त संबंध तर्कशक्ति की एक मौलिक विधा है, जो परिवार के सदस्यों के बीच के संबंधों की समझ पर आधारित है। इस अध्याय में हमने रक्त संबंध के मूल शब्दों, लिंग और पीढ़ी के वर्गीकरण, वाक्य-आधारित संबंध प्रश्नों और चिन्ह-आधारित संबंध प्रश्नों को उदाहरण सहित समझा। सफलता का आधार संबंध-शब्दों का मुखस्थ ज्ञान और संबंध-श्रृंखला बनाने की क्षमता है। प्रत्येक प्रश्न में लिंग और पीढ़ी का निर्धारण करना अनिवार्य है, क्योंकि इन्हीं से सटीक उत्तर प्राप्त होता है। नियमित अभ्यास से रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा में रक्त संबंध के प्रश्न शीघ्र और सटीक हल होंगे।