विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: तर्कशक्ति – संबंध और दिशा विषय-वस्तु: 8.2 पारिवारिक वृक्ष
पारिवारिक वृक्ष (Family Tree) रक्त संबंध विधा का चित्रात्मक और व्यवस्थित रूप है, जिसमें परिवार के सभी सदस्यों के बीच के संबंधों को एक वृक्ष (चित्र) के रूप में दर्शाया जाता है। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा में पारिवारिक वृक्ष आधारित प्रश्न रक्त संबंध का ही उन्नत रूप हैं, जिनमें प्रायः दो से चार पीढ़ियों के सदस्य दिए जाते हैं। पारिवारिक वृक्ष में ऊपर की पंक्ति में वरिष्ठ पीढ़ी (दादा-दादी, नाना-नानी), बीच में माता-पिता की पीढ़ी और नीचे कनिष्ठ पीढ़ी (बेटा-बेटी, पोता-पोती) दर्शाई जाती है। इस विधा में वृक्ष को सही ढंग से खींचना ही प्रश्न हल करने की कुंजी है।
पारिवारिक वृक्ष बनाते समय कुछ मानक संकेतों का उपयोग किया जाता है। पुरुष सदस्यों को वर्ग (□) या त्रिभुज से और स्त्री सदस्यों को वृत्त (○) से दर्शाया जाता है। पति-पत्नी के बीच समान स्तर पर क्षैतिज रेखा (जोड़) और माता-पिता से बच्चों तक लंबवत रेखा खींची जाती है। यदि किसी व्यक्ति का लिंग स्पष्ट नहीं है, तो उसके स्थान पर प्रश्नचिह्न या खाली संकेत लगाया जाता है। सही वृक्ष बनाने के लिए वाक्य में बताए गए प्रत्येक संबंध को चरणबद्ध रूप से चित्र में उतारना होता है।
इस अध्याय में हम पारिवारिक वृक्ष के संकेत-प्रणाली, वृक्ष बनाने की चरणबद्ध विधि, वृक्ष से संबंध-प्रश्नों को हल करना और अपूर्ण सूचना वाले प्रश्नों को उदाहरण सहित सीखेंगे। इसके साथ ही वृक्ष बनाते समय होने वाली सामान्य गलतियों और उनसे बचने के उपायों पर भी ध्यान दिया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक कथन को वृक्ष में सही स्थान पर जोड़ा जाए और अंत में पूछे गए संबंध को वृक्ष से पढ़ा जाए। आइए इन सभी को विस्तार से समझते हैं।
पारिवारिक वृक्ष में प्रयुक्त मानक संकेतों को समझना पहला चरण है। पुरुष सदस्य = वर्ग (□) या त्रिभुज, स्त्री सदस्य = वृत्त (○)। वर्ग-वृत्त के भीतर नाम या अक्षर लिखे जाते हैं। पति-पत्नी संबंध को समान क्षैतिज रेखा (══) से जोड़ा जाता है। माता-पिता से बच्चों तक की रेखा लंबवत (│) खींची जाती है, और एक से अधिक बच्चे होने पर उन्हें क्षैतिज शाखा से जोड़ा जाता है। भाई-बहन समान माता-पिता से जुड़ते हैं।
वृक्ष बनाने की विधि: पहले वाक्यों को पढ़कर सबसे वरिष्ठ पीढ़ी की पहचान करें। उन्हें वृक्ष के सबसे ऊपर रखें। फिर उनकी संतान को नीचे की पंक्ति में जोड़ें। इसी प्रकार प्रत्येक कथन के अनुसार सदस्यों को क्रमशः जोड़ते जाएँ। जिस व्यक्ति के बारे में प्रश्न पूछा गया है, उसे केंद्र में रखने की कोशिश करें। वृक्ष के प्रत्येक नोड के पास लिंग का संकेत लिखें, ताकि बाद में भ्रम न हो। सभी संबंध जोड़ने के बाद ही प्रश्न का उत्तर वृक्ष से पढ़ें।
उदाहरण 1: A और B का विवाह हुआ। उनके दो बच्चे हैं - C (पुत्र) और D (पुत्री)। C का विवाह E से हुआ और उनका पुत्र F है। तो F, D का क्या है?
समाधान: वृक्ष में सबसे ऊपर A-B (पति-पत्नी), नीचे C और D (भाई-बहन), फिर C-E (पति-पत्नी) और उनका पुत्र F। अतः F, D का भतीजा है (भाई का बेटा)। उत्तर भतीजा है।
पारिवारिक वृक्ष से संबंध-प्रश्न हल करते समय वृक्ष को ध्यान से देखकर दो व्यक्तियों के बीच का मार्ग (पथ) खोजा जाता है। यदि X, Y का पूछा गया है, तो वृक्ष में X से Y तक का संबंध-पथ देखें। ध्यान दें कि संबंध X की दृष्टि से बताया जाए, अर्थात X, Y का क्या है। यदि Y, X का संबंध पूछा गया होता तो दिशा उलट जाती। अतः प्रश्न में किस व्यक्ति की दृष्टि से पूछा गया है, यह सबसे पहले स्पष्ट करें।
उदाहरण 2: वृक्ष में P-Q विवाहित हैं। उनकी संतान R और S हैं। R का विवाह T से हुआ और उनकी पुत्री U है। तो T, Q का क्या लगता है?
समाधान: P-Q पति-पत्नी, R और S उनकी संतान। R का विवाह T से हुआ, अतः T, R का पति/पत्नी है। चूँकि R, Q की संतान है, T, Q का दामाद (यदि R पुत्री है) या पुत्रवधू (यदि R पुत्र है) लगता है। यदि R पुत्री है, तो T, Q का दामाद है। प्रश्न में R का लिंग दिया होना चाहिए; अतः विकल्पों से लिंग निर्धारित करें। उत्तर दामाद है।
वृक्ष से संबंध पढ़ते समय कुछ बातें याद रखें - समान पंक्ति में स्थित सदस्य समान पीढ़ी के हैं; ऊपर की पंक्ति वरिष्ठ और नीचे की कनिष्ठ पीढ़ी है। क्षैतिज रेखा से जुड़े सदस्य पति-पत्नी हैं। समान माता-पिता से जुड़े सदस्य भाई-बहन हैं। वृक्ष में जब कोई सदस्य विवाहित है, तो उसके पति/पत्नी को साथ में दर्शाया गया है। इस प्रकार वृक्ष के प्रत्येक चिन्ह का अर्थ समझकर प्रश्न का उत्तर तेजी से प्राप्त किया जा सकता है।
उदाहरण 3: परिवार में दादा (G), उनकी संतान X और Y, X की पत्नी W और Y का पति Z है। X की पुत्री P और Y का पुत्र Q है। तो P, Q की कौन है?
समाधान: G दादा, X और Y उनकी संतान (भाई-बहन)। X की पुत्री P और Y का पुत्र Q। अतः P और Q चचेरे भाई-बहन हैं। चूँकि P स्त्री है, P, Q की चचेरी बहन है। उत्तर चचेरी बहन है।
कई पारिवारिक वृक्ष प्रश्नों में किसी सदस्य का लिंग या संबंध पूरी तरह स्पष्ट नहीं होता। ऐसे प्रश्नों में विकल्पों की सहायता से लिंग निर्धारित किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी प्रश्न में केवल "बच्चा" या "संतान" शब्द आया है, तो उसका लिंग विकल्पों से तय करें। यदि विकल्प में "पुत्र" और "पुत्री" दोनों हैं, तो वाक्य के अन्य संकेत (जैसे "उसका पति") से लिंग स्पष्ट करें।
उदाहरण 4: M, N का पिता है। N, O की माता है। यदि O की कोई बहन नहीं है, तो M, O का क्या है?
समाधान: M → N (पिता), N → O (माता), अतः M, O का नाना है। यहाँ O का लिंग प्रश्न में आवश्यक नहीं है क्योंकि M का O से संबंध (नाना) लिंग-स्वतंत्र है। उत्तर नाना है।
अपूर्ण सूचना वाले प्रश्नों में सबसे पहले वह जानकारी अलग करें जो स्पष्ट है, फिर अस्पष्ट भाग को विकल्पों की सहायता से हल करें। कई प्रश्नों में यह भी पूछा जाता है कि "दिए गए विकल्पों में से कौन-सा कथन निश्चित रूप से सत्य है", तब प्रत्येक विकल्प को वृक्ष पर जाँचकर देखना होता है। ऐसे प्रश्नों में केवल वही विकल्प सही है जो वृक्ष में दिए गए सभी संबंधों के अनुसार पूर्ण रूप से सत्य हो। ध्यान दें कि "निश्चित रूप से" शब्द का अर्थ है कि किसी भी संभावित व्याख्या में वह सत्य रहे।
| संकेत | अर्थ |
|---|---|
| □ (वर्ग) | पुरुष सदस्य |
| ○ (वृत्त) | स्त्री सदस्य |
| ═══ (क्षैतिज रेखा) | पति-पत्नी |
| │ (लंबवत रेखा) | माता-पिता से संतान |
| ─── क्षैतिज शाखा | भाई-बहन |
| अवस्था | संबंध |
|---|---|
| समान पंक्ति | समान पीढ़ी |
| ऊपर की पंक्ति | वरिष्ठ पीढ़ी (दादा, माता-पिता) |
| नीचे की पंक्ति | कनिष्ठ पीढ़ी (पुत्र, पोता) |
| क्षैतिज जुड़े | पति-पत्नी |
| समान माता-पिता से जुड़े | भाई-बहन |
flowchart TD
A[पारिवारिक वृक्ष] --> B[संकेत-प्रणाली]
A --> C[वृक्ष निर्माण]
A --> D[संबंध पढ़ना]
A --> E[अपूर्ण सूचना]
B --> B1[वर्ग = पुरुष, वृत्त = स्त्री]
C --> C1[वरिष्ठ से कनिष्ठ पीढ़ी]
C --> C2[पति-पत्नी = क्षैतिज रेखा]
D --> D1[X से Y तक पथ]
D --> D2[पीढ़ी और लिंग देखना]
E --> E1[लिंग विकल्पों से]
E --> E2[निश्चित सत्यता की जाँच]
पारिवारिक वृक्ष रक्त संबंध का सबसे व्यवस्थित रूप है, जो चित्रात्मक रूप में परिवार के सभी संबंधों को स्पष्ट करता है। इस अध्याय में हमने वृक्ष के संकेत-प्रणाली, वृक्ष बनाने की चरणबद्ध विधि, वृक्ष से संबंध पढ़ना और अपूर्ण सूचना वाले प्रश्नों को उदाहरण सहित समझा। सफलता का आधार सही संकेतों (वर्ग-वृत्त, क्षैतिज-लंबवत रेखा) का उपयोग और पीढ़ी के क्रम का सही निर्धारण है। वृक्ष बनाने की आदत विकसित करने से रक्त संबंध के सभी प्रश्न सरल हो जाते हैं। नियमित अभ्यास से रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा में पारिवारिक वृक्ष के प्रश्न शीघ्र और सटीक हल होंगे।