विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: तर्कशक्ति – तर्क और विश्लेषणात्मक तर्क विषय-वस्तु: 9.1 न्यायवाक्य
न्यायवाक्य (Syllogism) तर्कशक्ति का वह विषय है जिसमें दो या तीन कथन दिए जाते हैं और उनके आधार पर दो या अधिक निष्कर्षों में से सत्य निष्कर्षों का चयन करना होता है। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा में न्यायवाक्य पर प्रतिवर्ष प्रश्न पूछे जाते हैं। इन प्रश्नों में सभी, कुछ, कोई नहीं जैसे शब्दों का प्रयोग होता है जो कथनों के बीच संबंध निर्धारित करते हैं। इन संबंधों को वेन आरेख की सहायता से दर्शाकर निष्कर्षों की सत्यता जाँची जाती है।
न्यायवाक्य को समझने के लिए सबसे पहले वेन आरेख की अवधारणा आवश्यक है। प्रत्येक कथन को दो वृत्तों के रूप में दर्शाया जाता है जिनके बीच संबंध होता है। उदाहरण के लिए, सभी A, B हैं में A का वृत्त B के वृत्त के अंदर होता है। कुछ A, B हैं में दोनों वृत्तों के बीच कुछ भाग उभयनिष्ठ होता है। कोई A, B नहीं है में दोनों वृत्त एक-दूसरे से पूर्णतः अलग होते हैं। इन्हीं चित्रों के आधार पर निष्कर्ष की सत्यता का निर्धारण होता है।
इस अध्याय में हम विभिन्न प्रकार के कथनों, निष्कर्ष निकालने के नियम और वेन आरेख से प्रश्नों को हल करने की विधि सीखेंगे। परीक्षा में न्यायवाक्य के प्रश्न मध्यम से कठिन स्तर के होते हैं। नियमों की स्पष्ट समझ के साथ ये प्रश्न सरल हो जाते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कथन को सत्य मानकर निष्कर्ष निकालना होता है, चाहे वह वास्तविक जीवन में असंभव ही क्यों न लगे।
न्यायवाक्य के कथन मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं। पहला, सभी A, B हैं — इसमें A का संपूर्ण वृत्त B के वृत्त के अंदर होता है। दूसरा, कोई A, B नहीं है — इसमें दोनों वृत्त पूर्णतः अलग होते हैं। तीसरा, कुछ A, B हैं — इसमें दोनों वृत्तों का कुछ भाग उभयनिष्ठ होता है। चौथा, कुछ A, B नहीं हैं — इसमें A का कुछ भाग B के बाहर होता है। इन चारों प्रकार के कथनों के वेन आरेख बनाना ही न्यायवाक्य का आधार है।
जब एक से अधिक कथन हों, तो सभी कथनों को मिलाकर एक संयुक्त वेन आरेख बनाया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि सभी A, B हैं और सभी B, C हैं, तो A, B के अंदर और B, C के अंदर होगा, जिससे A भी C के अंदर होगा। इसी आधार पर निष्कर्ष निकाला जाता है कि सभी A, C हैं। इसी प्रकार विभिन्न संयोजनों से विभिन्न निष्कर्ष निकलते हैं।
उदाहरण 1: कथन: सभी कुत्ते जानवर हैं। सभी जानवर जीव हैं। निष्कर्ष: (1) सभी कुत्ते जीव हैं। (2) कुछ जीव जानवर हैं।
हल: सभी कुत्ते जानवर हैं और सभी जानवर जीव हैं, अतः सभी कुत्ते जीव हैं। दोनों निष्कर्ष अनुसरण करते हैं।
कुछ और कोई नहीं वाले कथनों के निष्कर्षों के विशेष नियम हैं। यदि कुछ A, B हैं, तो कुछ B, A हैं भी निष्कर्ष निकलता है। यदि कोई A, B नहीं है, तो कोई B, A नहीं है भी सत्य है। यदि सभी A, B हैं, तो कुछ A, B हैं और कुछ B, A हैं दोनों निष्कर्ष निकलते हैं, परंतु यह नहीं कहा जा सकता कि सभी B, A हैं। सभी कथन सत्य मानकर केवल उन्हीं निष्कर्षों को मान्य माना जाता है जो हर संभव स्थिति में सत्य रहें।
उदाहरण 2: कथन: कुछ पक्षी विमान हैं। सभी विमान उड़ते हैं। निष्कर्ष: (1) कुछ पक्षी उड़ते हैं। (2) सभी पक्षी विमान हैं।
हल: कुछ पक्षी विमान हैं और सभी विमान उड़ते हैं, अतः कुछ पक्षी उड़ते हैं। निष्कर्ष 1 सत्य है। निष्कर्ष 2 असत्य है क्योंकि केवल कुछ पक्षी विमान हैं।
उदाहरण 3: कथन: कोई लड़का ईमानदार नहीं है। सभी ईमानदार अच्छे हैं। निष्कर्ष: (1) कोई लड़का अच्छा नहीं है। (2) कुछ अच्छे ईमानदार हैं।
हल: सभी ईमानदार अच्छे हैं, अतः कुछ अच्छे ईमानदार हैं। निष्कर्ष 2 सत्य है। निष्कर्ष 1 निश्चित नहीं है, अतः केवल निष्कर्ष 2 अनुसरण करता है।
न्यायवाक्य के कठिन प्रश्नों में तीन कथन और दो या तीन निष्कर्ष दिए जाते हैं। इन प्रश्नों को हल करने के लिए सभी कथनों को मिलाकर एक ही वेन आरेख बनाना आवश्यक है। इसके बाद प्रत्येक निष्कर्ष की जाँच आरेख से की जाती है। यदि निष्कर्ष आरेख के अनुसार सभी संभावित स्थितियों में सत्य हो, तो वह अनुसरण करता है। यदि किसी एक स्थिति में भी असत्य हो, तो वह अनुसरण नहीं करता।
उदाहरण 4: कथन: सभी गुलाब फूल हैं। कुछ फूल सुंदर हैं। निष्कर्ष: (1) कुछ गुलाब सुंदर हैं। (2) कुछ सुंदर फूल हैं।
हल: सभी गुलाब फूल हैं और कुछ फूल सुंदर हैं। सुंदर वृत्त का कुछ भाग फूलों के वृत्त में है, परंतु गुलाबों में होना आवश्यक नहीं। अतः निष्कर्ष 1 अनुसरण नहीं करता। निष्कर्ष 2 अनुसरण करता है।
उदाहरण 5: कथन: कुछ मोबाइल टेलीफोन हैं। सभी टेलीफोन उपकरण हैं। निष्कर्ष: (1) कुछ मोबाइल उपकरण हैं। (2) सभी उपकरण टेलीफोन हैं।
हल: कुछ मोबाइल टेलीफोन हैं और सभी टेलीफोन उपकरण हैं, अतः कुछ मोबाइल उपकरण हैं। निष्कर्ष 1 सत्य है। निष्कर्ष 2 असत्य है। केवल निष्कर्ष 1 अनुसरण करता है।
| कथन का प्रकार | वेन आरेख | उदाहरण |
|---|---|---|
| सभी A, B हैं | A, B के अंदर | सभी कुत्ते जानवर |
| कोई A, B नहीं है | दोनों अलग | कोई लड़का ईमानदार नहीं |
| कुछ A, B हैं | उभयनिष्ठ भाग | कुछ पक्षी विमान |
| कुछ A, B नहीं हैं | A का कुछ भाग बाहर | कुछ फल मीठे नहीं |
| दिए गए कथन | निकलने वाला निष्कर्ष | नहीं निकलने वाला |
|---|---|---|
| सभी A, B और सभी B, C | सभी A, C | सभी C, A |
| कुछ A, B | कुछ B, A | सभी A, B |
| कोई A, B नहीं | कोई B, A नहीं | कुछ A, B |
| सभी A, B | कुछ A, B | सभी B, A |
flowchart TD
A[न्यायवाक्य] --> B[कथनों के प्रकार]
A --> C[वेन आरेख]
A --> D[निष्कर्ष नियम]
A --> E[जाँच की विधि]
B --> B1[सभी, कुछ, कोई नहीं]
C --> C1[वृत्तों का संबंध]
C --> C2[संयुक्त आरेख]
D --> D1[सभी A, B तथा B, C तो A, C]
D --> D2[कुछ A, B तो कुछ B, A]
E --> E1[सभी स्थितियों में सत्य]
E --> E2[एक स्थिति असत्य तो निष्कर्ष असत्य]
न्यायवाक्य तर्कशक्ति का एक मौलिक विषय है जो वेन आरेख की सहायता से सरलता से हल होता है। इस अध्याय में हमने सभी, कुछ और कोई नहीं प्रकार के कथन, उनके वेन आरेख और निष्कर्ष निकालने के नियम सीखे। परीक्षा में न्यायवाक्य के प्रश्नों में कथनों को सत्य मानकर केवल निश्चित निष्कर्षों का चयन करना ही सफलता की कुंजी है। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा में इस विषय पर पूछे जाने वाले प्रश्न नियमों के ज्ञान से आसानी से हल किए जा सकते हैं। नियमित अभ्यास से इस विषय में पूर्ण अंक प्राप्त करना संभव है।