विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: तर्कशक्ति – तर्क और विश्लेषणात्मक तर्क विषय-वस्तु: 9.4 कथन और निष्कर्ष
कथन और निष्कर्ष (Statement and Conclusion) तर्कशक्ति का वह विषय है जिसमें एक या दो कथन दिए जाते हैं और उनके आधार पर निकाले गए निष्कर्षों की सत्यता जाँचनी होती है। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा में कथन और निष्कर्ष पर प्रतिवर्ष प्रश्न पूछे जाते हैं। इन प्रश्नों में निष्कर्ष कथन से निश्चित रूप से निकलता है या नहीं, इसका निर्धारण करना होता है। कथन में दी गई जानकारी से परे निष्कर्ष निकालना गलत माना जाता है।
कथन और निष्कर्ष के प्रश्नों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि कथन को सत्य मानना होता है, चाहे वह वास्तविक जीवन में संदिग्ध ही क्यों न हो। निष्कर्ष केवल उसी जानकारी पर आधारित होना चाहिए जो कथन में दी गई है। कथन से बाहर की मान्यताएँ, अनुमान और सामान्य ज्ञान के आधार पर निकाले गए निष्कर्ष त्रुटिपूर्ण होते हैं। यही नियम कथन और निष्कर्ष को अन्य तर्क विषयों से अलग बनाता है।
इस अध्याय में हम निश्चित और संभावित निष्कर्षों में अंतर, कथन से परे की जानकारी की पहचान, और विभिन्न प्रकार के कथनों से सही निष्कर्ष चुनने की विधि सीखेंगे। परीक्षा की दृष्टि से ये प्रश्न सरल से मध्यम कठिनाई के होते हैं। कथन के शब्दों पर ध्यान देकर और कथन में दी गई जानकारी का ही प्रयोग करके सही उत्तर आसानी से चुना जा सकता है।
कोई निष्कर्ष तभी मान्य होता है जब वह कथन से निश्चित रूप से और आवश्यक रूप से निकलता हो। यदि निष्कर्ष कथन से केवल संभवतः निकलता हो या कथन में दी गई जानकारी से भिन्न बात कहता हो, तो वह मान्य नहीं है। निश्चित निष्कर्ष की पहचान के लिए कथन के प्रत्येक शब्द का विश्लेषण करना आवश्यक है। उदाहरण के लिए, यदि कथन हो कि सभी शिक्षक मेहनती हैं, तो निष्कर्ष कि कुछ शिक्षक मेहनती हैं, निश्चित है।
उदाहरण 1: कथन: सभी रेलगाड़ियाँ पर्यावरण के अनुकूल हैं। निष्कर्ष: (1) कुछ रेलगाड़ियाँ पर्यावरण के अनुकूल हैं। (2) कुछ पर्यावरण के अनुकूल साधन रेलगाड़ियाँ हैं।
हल: सभी रेलगाड़ियाँ पर्यावरण के अनुकूल हैं, अतः कुछ रेलगाड़ियाँ पर्यावरण के अनुकूल हैं निश्चित है। निष्कर्ष 2 में साधन शब्द कथन में नहीं है, अतः वह कथन से बाहर की जानकारी है।
कथन और निष्कर्ष के प्रश्नों में सबसे अधिक गलती कथन में न दी गई बातों को निष्कर्ष में जोड़ने से होती है। यदि कथन में केवल एक व्यक्ति या समूह की चर्चा है, तो उसके बाहर के व्यक्तियों या समूहों के बारे में निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। कथन के सभी शब्दों का ध्यान रखना आवश्यक है। सभी, कुछ, कोई नहीं, केवल, हमेशा, कभी नहीं जैसे शब्द निष्कर्ष की प्रकृति बदल देते हैं।
उदाहरण 2: कथन: सभी इंजीनियर गणित में निपुण हैं। निष्कर्ष: (1) कुछ गणित में निपुण लोग इंजीनियर हैं। (2) सभी गणित में निपुण लोग इंजीनियर हैं।
हल: सभी इंजीनियर गणित में निपुण हैं, अतः कुछ गणित में निपुण लोग इंजीनियर हैं निश्चित है। निष्कर्ष 2 गलत है क्योंकि कथन केवल इंजीनियरों के बारे में है।
उदाहरण 3: कथन: इस वर्ष परीक्षा में केवल 10 विद्यार्थी ही प्रथम श्रेणी प्राप्त कर पाए हैं। निष्कर्ष: (1) परीक्षा कठिन थी। (2) 10 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की है।
हल: निष्कर्ष 2 कथन से निश्चित रूप से निकलता है। निष्कर्ष 1 में कठिन होने की बात कथन में नहीं है, अतः वह मान्य नहीं है।
कथन और निष्कर्ष के प्रश्नों में कभी-कभी तथ्यात्मक कथन दिए जाते हैं जिनमें निश्चित जानकारी होती है, और कभी नीतिगत या सामान्य प्रकृति के कथन होते हैं। तथ्यात्मक कथनों से निश्चित निष्कर्ष निकलते हैं, जबकि सामान्य कथनों से निकले निष्कर्षों में सावधानी आवश्यक है। कथन में यदि किसी चीज की तुलना, कारण या परिणाम न दिया हो, तो उसके बारे में निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
उदाहरण 4: कथन: भारत में रेलवे यात्रा का सबसे सस्ता साधन है। निष्कर्ष: (1) रेलवे सबसे सस्ता साधन है। (2) यात्रा के अन्य साधन महंगे हैं।
हल: निष्कर्ष 1 कथन से सीधे निकलता है। निष्कर्ष 2 कथन में नहीं दिया गया, अतः वह निश्चित निष्कर्ष नहीं है।
उदाहरण 5: कथन: नियमित व्यायाम करने वाले व्यक्ति स्वस्थ रहते हैं। निष्कर्ष: (1) सभी स्वस्थ व्यक्ति व्यायाम करते हैं। (2) कुछ व्यायाम करने वाले स्वस्थ रहते हैं।
हल: नियमित व्यायाम करने वाले स्वस्थ रहते हैं, अतः कुछ व्यायाम करने वाले स्वस्थ रहते हैं निश्चित है। निष्कर्ष 1 उलटा है और मान्य नहीं है।
| निष्कर्ष का प्रकार | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| निश्चित निष्कर्ष | कथन से आवश्यक रूप से निकलता है | कुछ शिक्षक मेहनती |
| संभावित निष्कर्ष | कथन से केवल संभव है | शायद परीक्षा कठिन थी |
| अमान्य निष्कर्ष | कथन से बाहर की जानकारी | सभी स्वस्थ व्यायाम करते हैं |
| उलटा निष्कर्ष | कथन के विपरीत संबंध | सभी कुत्ते जानवर तो सभी जानवर कुत्ते |
| नियम | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| कथन सत्य मानें | कथन को हमेशा सत्य मानें | संदिग्ध कथन भी सत्य |
| केवल कथन की जानकारी | कथन से परे नहीं | केवल इंजीनियरों की चर्चा |
| निश्चितता जाँचें | निष्कर्ष आवश्यक हो | कुछ शिक्षक मेहनती |
| शब्दों पर ध्यान | सभी, कुछ, केवल शब्द | केवल 10 विद्यार्थी |
flowchart TD
A[कथन और निष्कर्ष] --> B[निष्कर्षों के प्रकार]
A --> C[जाँच के नियम]
A --> D[महत्वपूर्ण बिंदु]
A --> E[प्रश्नों के प्रकार]
B --> B1[निश्चित निष्कर्ष]
B --> B2[संभावित निष्कर्ष]
B --> B3[अमान्य निष्कर्ष]
C --> C1[कथन सत्य मानें]
C --> C2[केवल कथन की जानकारी]
C --> C3[निश्चितता जाँचें]
D --> D1[शब्दों का ध्यान]
D --> D2[कारण-परिणाम न जोड़ें]
E --> E1[तथ्यात्मक कथन]
E --> E2[नीतिगत कथन]
कथन और निष्कर्ष तर्कशक्ति का एक महत्वपूर्ण विषय है जो परीक्षार्थी की सूक्ष्म पठन क्षमता और तार्किक निष्कर्ष निकालने की क्षमता को परखता है। इस अध्याय में हमने निश्चित, संभावित और अमान्य निष्कर्षों की पहचान करना तथा कथन से परे की जानकारी से बचना सीखा। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा में इन प्रश्नों को कथन के शब्दों पर ध्यान देकर आसानी से हल किया जा सकता है। केवल कथन में दी गई जानकारी पर आधारित निश्चित निष्कर्ष ही सही उत्तर होता है।