विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: तर्कशक्ति – तर्क और विश्लेषणात्मक तर्क विषय-वस्तु: 9.7 निर्णय लेना
निर्णय लेना (Decision Making) तर्कशक्ति का वह विषय है जिसमें दी गई स्थिति के आधार पर सही निर्णय या कार्यवाही का चयन करना होता है। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा में निर्णय लेने पर प्रतिवर्ष प्रश्न पूछे जाते हैं। इन प्रश्नों में एक परिस्थिति या समस्या दी जाती है और उसके समाधान या सबसे उपयुक्त कदम के विकल्प प्रस्तुत किए जाते हैं। परीक्षार्थी को सबसे व्यावहारिक, सुरक्षित और उचित निर्णय का चयन करना होता है।
निर्णय लेने के प्रश्न व्यावहारिक बुद्धि को परखते हैं। सही निर्णय वह होता है जो समस्या का स्थायी और संपूर्ण समाधान करे, जनहित में हो, तथा कानूनी और नैतिक दृष्टिकोण से उचित हो। विकल्पों में प्रायः अधूरे समाधान, केवल लक्षण को दूर करने वाले कदम और अव्यावहारिक उपाय दिए जाते हैं। इन्हें पहचानकर सबसे संपूर्ण और कारगर निर्णय चुनना ही सफलता का आधार है।
इस अध्याय में हम समस्या-समाधान वाले प्रश्न, किसी स्थिति में सबसे उपयुक्त कदम, तथा निर्णय के तर्कसंगत चयन की विधि सीखेंगे। परीक्षा की दृष्टि से ये प्रश्न सरल से मध्यम कठिनाई के होते हैं। सही निर्णय के लिए समस्या के मूल कारण, सभी पक्षों के प्रभाव और उपलब्ध संसाधनों का विश्लेषण आवश्यक है।
निर्णय लेने के प्रश्नों में सबसे पहले समस्या का मूल कारण समझना आवश्यक है। यदि निर्णय केवल लक्षण को दूर करता है और मूल कारण को नहीं, तो वह संपूर्ण समाधान नहीं होता। सही निर्णय वह होता है जो समस्या की जड़ तक जाता है। उदाहरण के लिए, यदि ट्रेनों में देरी की समस्या है, तो केवल शिकायत दर्ज करना पर्याप्त नहीं, बल्कि समय-सारणी में सुधार आवश्यक है।
उदाहरण 1: रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ रही है। सबसे उपयुक्त निर्णय क्या है? (1) स्टेशन पर नए द्वार खोलना। (2) यात्रियों को डांटना।
हल: नए द्वार खोलना भीड़ की समस्या का सीधा और व्यावहारिक समाधान है। यात्रियों को डांटना कोई समाधान नहीं है।
सही निर्णय में जनहित और व्यावहारिकता दोनों का ध्यान रखा जाता है। जनहित का अर्थ है कि निर्णय से अधिकतम लोगों को लाभ हो। व्यावहारिकता का अर्थ है कि निर्णय को लागू करना संभव हो। ऐसे निर्णय जो केवल एक पक्ष का लाभ करते हैं या जिन्हें लागू करना असंभव है, उन्हें अस्वीकार किया जाता है। निर्णय कानूनी और नैतिक रूप से भी सही होना चाहिए।
उदाहरण 2: यात्रियों से शिकायत मिली है कि टिकट खिड़की पर देरी होती है। सबसे उचित कदम क्या है? (1) अधिक टिकट खिड़कियाँ खोलना। (2) टिकट खिड़की बंद कर देना।
हल: अधिक टिकट खिड़कियाँ खोलना व्यावहारिक और जनहितकारी समाधान है। खिड़की बंद करना समस्या को और बढ़ाएगा।
निर्णय लेने के प्रश्नों में दो या तीन विकल्प दिए जाते हैं जिनमें से सर्वोत्तम चुनना होता है। विकल्पों की तुलना में यह देखना आवश्यक है कि कौन-सा निर्णय समस्या का संपूर्ण समाधान करता है, दीर्घकालिक लाभ देता है और लागू करने में व्यावहारिक है। जो विकल्प इन तीनों मानदंडों पर खरा उतरता है, वही सही उत्तर होता है। आंशिक और अस्थायी समाधान को अस्वीकार किया जाता है।
उदाहरण 3: किसी गाँव में पीने के पानी की कमी है। सबसे उचित निर्णय क्या है? (1) नल लगाकर पानी की व्यवस्था करना। (2) ग्रामीणों को दूसरे गाँव भेजना।
हल: नल लगाकर पानी की व्यवस्था करना संपूर्ण और व्यावहारिक समाधान है। ग्रामीणों को भेजना अव्यावहारिक है।
उदाहरण 4: स्कूल में सुरक्षा बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए? (1) सीसीटीवी और सुरक्षा गार्ड लगाना। (2) केवल दरवाजे बंद करना।
हल: सीसीटीवी और सुरक्षा गार्ड लगाना संपूर्ण सुरक्षा समाधान है। केवल दरवाजे बंद करना अधूरा समाधान है।
| मानदंड | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| संपूर्ण समाधान | मूल कारण का उपचार | नए द्वार खोलना |
| जनहित | अधिकतम लोगों को लाभ | अधिक खिड़कियाँ |
| व्यावहारिकता | लागू करना संभव | नल की व्यवस्था |
| कानूनी-नैतिक | नियमों के अनुसार | सीसीटीवी लगाना |
| अस्वीकार्य निर्णय | विशेषता | उदाहरण |
|---|---|---|
| अधूरा समाधान | केवल लक्षण दूर करे | केवल दरवाजे बंद |
| अव्यावहारिक | लागू असंभव | लोगों को भेजना |
| एकपक्षीय | केवल एक पक्ष का लाभ | डांटना |
| अवैध | कानून के विरुद्ध | जबरन वसूली |
flowchart TD
A[निर्णय लेना] --> B[समस्या पहचान]
A --> C[मूल कारण]
A --> D[मानदंड]
A --> E[विकल्पों की तुलना]
B --> B1[समस्या का विश्लेषण]
C --> C1[लक्षण और मूल]
D --> D1[संपूर्ण समाधान]
D --> D2[जनहित]
D --> D3[व्यावहारिकता]
E --> E1[सर्वोत्तम विकल्प चुनें]
E --> E2[अस्वीकार्य विकल्प हटाएँ]
निर्णय लेना तर्कशक्ति का एक व्यावहारिक विषय है जो वास्तविक जीवन की समस्याओं का समाधान करने की क्षमता को परखता है। इस अध्याय में हमने समस्या के मूल कारण की पहचान, जनहित और व्यावहारिकता का विश्लेषण, तथा विकल्पों की तुलना से सर्वोत्तम निर्णय चुनना सीखा। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा में इन प्रश्नों को मानदंडों के अनुसार विश्लेषण करके आसानी से हल किया जा सकता है। संपूर्ण, जनहितकारी और व्यावहारिक निर्णय ही सही उत्तर होता है।